सोरेन परिवार के ‘कब्जे’ में झारखंड मुक्ति मोर्चा, नंबर टू की नहीं है गुंजाइश

दिलीप सिन्हा, गिरिडीह। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की स्थापना विनोद बिहारी महतो व शिबू सोरेन ने प्रसिद्ध मा‌र्क्सवादी चिंतक कॉमरेड एके राय के साथ मिलकर धनबाद में की थी। विनोद बिहारी महतो अध्यक्ष व शिबू सोरेन महासचिव बने थे। विनोद पार्टी के नंबर वन व शिबू नंबर टू नेता थे। शिबू विनोद को अपना धर्म पिता मानते थे, लेकिन कुछ साल बाद ही पार्टी पर कब्जे को लेकर राजनीतिक जंग छिड़ गई और धीरे-धीरे शिबू सोरेन पार्टी के शीर्ष पर बैठ गए। हालांकि पार्टी पर उनका कब्जा नहीं हुआ।

विनोद बिहारी के युग के बाद कभी निर्मल महतो, सूरज मंडल, सुधीर महतो, प्रो. स्टीफन तो कभी टेकलाल महतो पार्टी में नंबर टू नेता बने रहे, लेकिन मैथन में हुए 11वें अधिवेशन के बाद पार्टी पर पूरी तरह से शिबू सोरेन उर्फ गुरुजी एंड फैमिली का कब्जा हो गया है। दस उपाध्यक्ष व 14 महासचिव बनाकर शिबू सोरेन एवं हेमंत सोरेन ने साफ कर दिया है कि पार्टी में किसी को भी नंबर टू स्थान नहीं दिया जाएगा। पूर्व की तरह भविष्य में कोई नेता शिबू फैमिली को चुनौती नहीं दे सके, इसलिए अध्यक्ष एवं कार्यकारी अध्यक्ष को छोड़ किसी भी पद को एकल नहीं रखा गया है। थोक भाव में उपाध्यक्ष व महासचिव को नियुक्त कर स्पष्ट कर दिया गया है कि शिबू सोरेन पार्टी का चेहरा होंगे, जबकि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पूरी कमान बेटे हेमंत सोरेन के पास होगी।

महाधिवेशन में शिबू सोरेन अध्यक्ष एवं हेमंत सोरेन कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए थे। बाकी कमेटी के लिए शिबू सोरेन व हेमंत सोरेन को अधिकृत कर दिया गया था। पार्टी की केंद्रीय कमेटी बना दी गई है। शिबू सोरेन अध्यक्ष, उनकी पत्नी रूपी सोरेन केंद्रीय उपाध्यक्ष, बड़ी बहू व विधायक सीता सोरेन केंद्रीय महासचिव, पुत्र हेमंत कार्यकारी अध्यक्ष तथा छोटा पुत्र बसंत सोरेन पार्टी की युवा इकाई झारखंड युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। शिबू फैमिली का हर वो सदस्य जो राजनीति में थोड़ा बहुत भी सक्रिय हैं, पार्टी का केंद्रीय पदाधिकारी है। जबकि धनबाद व गिरिडीह जहां पार्टी का जन्म हुआ वहां के नेताओं को हेमंत ने विशेष तवज्जो नहीं दी। धनबाद से पूर्व मंत्री मथुरा महतो को प्रोन्नति देते हुए उपाध्यक्ष जरूर बनाया गया है, लेकिन दूसरे किसी नेता को पदाधिकारी नहीं बनाया गया।

पूर्व सांसद होने के नाते संजीव कुमार को कार्यकारिणी में जगह मिल गई है। वहीं गिरिडीह से विधायक जगरनाथ महतो एवं सुदिव्य कुमार सोनू महासचिव तथा पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। इस संबंध में पूर्व मंत्री व झामुमो के मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा है कि शिबू सोरेन एवं हेमंत सोरेन पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। दोनों के नेतृत्व में ही झामुमो बुलंदी पर जा रहा है। गोमिया एवं सिल्ली विधानसभा उप चुनाव जीत कर हेमंत सोरेन ने दिखा दिया है कि उनके नेतृत्व में ही झारखंड से भाजपा का सफाया संभव है।

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