कर्नाटक में वित्‍त मंत्रालय को लेकर सियासी गतिरोध बरकरार, खड़गे ने दी सफाई

कर्नाटक में मंत्रालयों के बंटवारे पर कांग्रेस और जेडीएस में जारी सियासी रस्साकशी के बीच कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का अहम बयान सामने अाया है। खड़गे ने कहा कि कुछ दिनों में सबकुछ सुलझ जाएगा। उन्‍होंने कहा कि गठबंधन के दौरान ऐसे मुद्दे सामने अाते रहते हैं। हम (कांग्रेस और जेडीएस) निश्चित रूप से साथ मिलकर काम करेंगे।

बता दें कि कर्नाटक में सरकार गठन के साथ ही दोनों पार्टियों के बीच मुख्य खींचतान वित्त मंत्रालय को लेकर है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी जहां वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास रखने के लिए जोर लगा रहे हैं, वहीं सत्ता सियासत के इस दांव-पेंच में कांग्रेस इस मंत्रालय को छोड़ने के लिए कतई राजी नहीं है।

कांग्रेस हाईकमान और कुमारस्वामी की सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद भी दोनों पार्टियों में मंत्रालय के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों के अनुसार कुमारस्वामी कांग्रेस की राजनीतिक ताकत और संख्या के हिसाब से अधिकांश अहम मंत्रालय देने को लेकर लचीला रुख अपना रहे हैं। मगर वित्त मंत्रालय अपने पास रखने को लेकर बेहद संजीदा हैं।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद के आवास पर हुई अहम बैठक के दौरान कुमारस्वामी ने साफ संकेत दिया कि गृह मंत्रालय समेत दूसरे अहम विभागों को लेकर कांग्रेस की मांग पर हामी भरने को तैयार हैं। मगर सीएम के नाते चुनावी वादों को लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय खुद रखना चाहते हैं।

कांग्रेस की ओर से आजाद के साथ इस बैठक में वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, अशोक गहलोत और मल्लिकार्जुन खडगे भी मौजूद थे। जबकि कुमारस्वामी के साथ जद-एस से उसके महासचिव दानिश अली मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार कुमारस्वामी का तर्क था कि किसानों की कर्ज माफी से लेकर महिलाओं-वृद्धों को पेंशन देने जैसे अपने चुनावी वादे को बतौर सीएम पूरा करने के लिए वित्त मंत्रालय का उनके पास होना जरूरी है।

कांग्रेस को राजी करने को कुमारस्वामी ने यह भरोसा भी दिया कि वे पूरे कार्यकाल में किसी दूसरे जद एस नेता को वित्त विभाग नहीं सौंपेंगे। मगर कांग्रेस ने रुख बदलने के संकेत उन्हें नहीं दिए। माना जा रहा कि मां सोनिया गांधी के साथ उनकी मेडिकल जांच के लिए रविवार रात विदेश गये कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के स्वदेश लौटने पर ही कैबिनेट पर फसी फांस का हल निकलेगा।

राहुल के सप्ताह के अंत तक लौटने की संभावना है। कांग्रेस दिग्गजों के साथ बैठक के बेनतीजा रहने के बारे में पूछे जाने पर जदएस महासचिव दानिश अली ने गतिरोध का साफ संकेत देते हुए कहा केवल इतना कहा कि चर्चा जारी है और समाधान जल्द निकल जाएगा।

जद एस को सीएम की कुर्सी देने के बाद कांग्रेस वित्त और गृह के अलावा सिंचाई, बिजली, उत्पाद एवं राजस्व, उद्योग जैसे अहम मंत्रालयों पर अपना दावा जता रही है। दिल्ली आने से पहले ही सीएम ने यह कहकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी थी कि वे कांग्रेस की कृपा पर निर्भर हैं और उसकी सहमति के बिना कुछ नहीं कर सकते।

कांग्रेस सूत्रों ने कुमारस्वामी के इस बयान को पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की घनघोर सियासी रणनीति का हिस्सा बताया। साथ ही कहा कि देवेगौड़ा के सियासी मिजाज को देखते हुए मंत्रालय बंटवारे पर कांग्रेस को आखिर तक सतर्क जवाबी रणनीति अपनानी होगी।

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