हरियाणा के कांग्रेसियों में तेज हुई चौधर की जंग, सबके अलग राग आैर दिशा

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेसियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज हो रही है। पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अशोक तंवर खेमा एक दूसरे को पछाड़ने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, रणदीप सुरजेवाला और राज्‍यसभा सदस्‍य कुमारी सैलजा ने भी अपनी सजेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेसियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज हो रही है। पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अशोक तंवर खेमा एक दूसरे को पछाड़ने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, रणदीप सुरजेवाला और राज्‍यसभा सदस्‍य कुमारी सैलजा ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। हरियाणा कांग्रेस में नेताओं की बयानबाजी सब कुछ ठीक नहीं चलने की ओर इशारा कर रही है।
हरियाणा कांग्रेस को फिलहाल नए प्रभारी की तलाश है। पार्टी हाईकमान को अभी ऐसा प्रभारी नहीं मिल रहा, जो सभी गुटों को साध सके। राज्य में जातिगत राजनीति अक्सर हावी रहती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा दस साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। हाईकमान के लिए उन्हें नजर अंदाज करना भी सही नहीं माना जा सकता।

हरियाणा के कांग्रेसियों की गुटबाजी को लगातार नजर अंदाज कर रहे पार्टी हाईकमान ने भी अभी तक सभी गुटों के सिर जोड़नेे में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। राज्य के कांग्रेसियों की गुटबाजी के चलते ही पूर्व प्रभारी कमलनाथ यहां कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। उन्होंने हाईकमान से दो टूक कह दिया था कि सभी गुटों को साधना उनके वश की बात नहीं है।क्रियता बढ़ा दी है। हरियाणा कांग्रेस में नेताओं की बयानबाजी सब कुछ ठीक नहीं चलने की ओर इशारा कर रही है।

हरियाणा के कांग्रेसियों की गुटबाजी को लगातार नजर अंदाज कर रहे पार्टी हाईकमान ने भी अभी तक सभी गुटों के सिर जोड़नेे में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। राज्य के कांग्रेसियों की गुटबाजी के चलते ही पूर्व प्रभारी कमलनाथ यहां कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। उन्होंने हाईकमान से दो टूक कह दिया था कि सभी गुटों को साधना उनके वश की बात नहीं है।

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कुमारी सैलजा को सोनिया गांधी की कोर टीम का प्रमुख सदस्य माना जाता है। उनकी राज्य के दलित समुदाय में खास पकड़ है। माना जा रहा है कि हाईकमान के इशारे पर ही सैलजा राज्य में सक्रिय हुई हैैं। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी को पार्टी में गेम चेंजर माना जाता है। उनकी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दरबार में अच्छी पकड़ रही है।

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पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र कुलदीप बिश्नोई ने भी कांग्रेस में वापसी के बाद राहुल गांधी के यहां अपने तार जोड़े हुए हैैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के समधी व हरियाणा के पूर्व सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय यादव भी लगातार हाईकमान के यहां हाजिरी भर रहे हैैं। राज्य के कांग्रेसियों की बढ़ती सक्रियता हालांकि मिशन 2019 में सहायक हो सकती है, लेकिन उनके अलग-अलग दिशाओं में दौड़ने से पार्टी को लाभ कम और नुकसान ज्यादा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

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हुड्डा और तंवर खेमों ने झोंकी ताकत

वर्चस्व की लड़ाई में हुड्डा और तंवर खेमों ने पूरी ताकत झोंकी हुई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने बृहस्पतिवार से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के गढ़ सिरसा से पांच दिन की साइकिल यात्रा शुरू की है तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा 3 जून से समालखा हलके से रथ पर सवार होंगे। दोनों की यह राजनीतिक कसरत अगले चुनाव में टिकट बांटने और सत्ता पर काबिज होने की रणनीति से जुड़ी है।

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