गुजरात में कांग्रेस और भाजपा में छिड़ी जुबानी जंग

अहमदाबाद, जेएनएन। पाटीदार न्याय महापंचायत में कांग्रेस विधायक वीरजी ठुम्मर ने भाजपा अध्यक्ष जीतूभाई वाघाणी के पाटीदार होने पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा इसे नारी शक्ति का अपमान बताते हुए कांग्रेस के खिलाफ गांव-गांव अभियान चलाने वाली है। इससे पहले भाजपा विधायक व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उधर, ठुम्मर का कहना है कि वाघाणी ने पाटीदारों को पिट्ठू बताकर सरदार पटेल के वंशजों का अपमान किया है।

गुजरात में लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर पाटीदार आरक्षण आंदोलन को हवा देने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा व कांग्रेस के पाटीदार नेता ही आमने-सामने आ गए हैं। बात यहां तक आ पहुंच गई है कि एक- दूसरे के वंश पर ही सवाल उठाए जाने लगे हैं। दरअसल, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की न्याय महापंचायत से पहले भाजपा अध्यक्ष जीतूभाई वाघाणी ने सत्ता के नशे में कह दिया कि वे किसी हार्दिक को नहीं जानते, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में लोकसभा चुनाव के दौरान की रणनीति हार्दिक के मद्देनजर ही बना रहे हैं।

वाघाणी व हार्दिक के बीच पहले भी जुबानी जंग हो चुकी है, लेकिन वाघाणी ने हार्दिक को पहचानने से इंकार करते हुए कहा कि हार्दिक व कई पाटीदार नेता कांग्रेस के पिट्ठु बन गए हैं। इसके जवाब में विधायक वीरजी ठुम्मर ने कहा कि वाघाणी ऐसे बयान देकर पाटीदार समाज का अपमान कर रहे हैं या तो वे पाटीदार नहीं हैं अथवा उनके माता पिता पाटीदार नहीं होंगे। भाजपा ने इसे वाघाणी की मां का अपमान बताते हुए कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया अब भाजपा इस मुद्रदे को गांव-गांव ले जाना चाहती है, ताकि कांग्रेस पर पाटीदार महिला का अपमान करने की तोहमत मढी जा सके। उधर, ठुम्मर ने अमरेली एसपी का पत्र लिखकर बताया है कि उन्हें फोन पर धमकी देने के अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला दहन किया है जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर है।

उन्होंने यह भी लिखा कि नेता विपक्ष परेश धनाणी ने पाटीदार महापंचायत का समर्थन करते हुए कांग्रेस के पाटीदार विधायकों को इसमें शामिल होकर पाटीदार समाज को न्याय दिलाने की लडाई में समर्थन देने की बात कही थी, जिसके चलते ही वे महापंचायत में शामिल हुए लेकिन भाजपा नेता उनके बयान को जोड तोड़कर महिला विरोध बताने का प्रयास कर रहे हैं। ठुम्मर ने यह भी कहा कि वाघाणी की मां उनके लिए मां समान है तथा किसी भी महिला का अपमान करने की वे सोच भी नहीं सकते। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी ठुम्मर के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सत्ता से विमुख कांग्रेस मान मर्यादा भूल गई है, उसे मां-बहन के सम्मान की भी परवाह नहीं है।

गुजरात के स्वस्थ्य लोकतंत्र में कांग्रेस विधायक विरजी की टिप्पणी मातशक्ति का अपमान है, लोकतांत्रिक सिद्धांत की लड़ाई छोड़कर कांग्रेस नेता निम्न स्तर की राजनीति पर उतरकर निजी हमले कर रहे हैं, जो निंदनीय व शर्मनाक हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: